Nav Bihan
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गांवा स्वास्थ केन्द्र में अनियमितता के आरोप में प्रभारी चिकित्सक और प्रधान लिपिक के खिलाफ सीएस ने की कार्रवाई

जीवन रक्षक दवाई और बेबी कीट का कालाबाजारी करने का कर रखे थे इंतजाम जांच के दौरान सिविल सर्जन ने खोला दोनों का पोल

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गिरिडीह। गिरिडीह के गांवा सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र दवा भंडार को सील कर और चिकित्सा पदाधिकारी पर शुरुआती कार्रवाई शुक्रवार को किया गया। सिविल सर्जन डा. शिव प्रसाद मिश्रा ने जहां चिकित्सा पदाधिकारी डा. चन्द्रमोहन कुमार को तत्काल वहां से हटा दिया है। बीते मंगलवार को सीएस के द्वारा स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के क्रम में स्वास्थ्य केंद्र में जारी भारी गड़बड़ झाला वित्तिय अनियमितता उजागर हुआ था। जांच के क्रम में कागजी हेराफेरी कर के भारी मात्रा में अनियमितता पाई गई। भंडार कक्ष में भी काफी गड़बड़ी मिली है। सूत्रों से पता चला है कि स्टॉक रजिस्टर में विवरण के अनुसार सामग्रियों के मिलानंे में काफी त्रुटि पाई गई है। कागजी हेराफेरी कर के सामग्रियों के बंदरबांट की बात भी सामने आ रही हैं।

इधर गुरुवार को पूरा स्वास्थ्य कर्मी पूरी तरह उलझे हुए नजर आए अफवाह फैली की हॉस्पिटल से बाहर एक जीर्णसिर बन्द पड़े स्टाफ रूम में दवा बेबी किट आदि की खेफ छिपा कर रखी गई है। सूचना पर जिला परिषद पवन कुमार चौधरी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे व कर्मियों से बन्द पड़े कमरे का दरवाजा खोलने का आग्रह किया, लेकिन प्रधान लिपिक भोजन करने के बहाने हॉस्पिटल से निकल गए। करीब तीन घंटे इंतिजार करने के बाद भी प्रधान लिपिक नही आए तो जिप सदस्य पवन कुमार चौधरी ने लगभग 6 बजे सीओ के निर्देश पर कमरे का दरवाजा खोला गया। कमरे में दवा का ढेर व बेबी किट पड़ा हुआ मिला। जिसके बाद सीओ अविनाश रंजन ने दवा पड़े रूम को सील कर दिया।

मामले में सीएस एसपी मिश्रा ने कहा कि वित्तिय अनियमितता का मामला सामने आने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को गावां से हटा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के क्रम में जिनका भी नाम आएगा विधि स्मत कार्रवाई की जाएगी। हॉस्पिटल के बाहर बन्द पड़े कमरे में दवा रखने के बाबत उन्होंने कहा कि टीम भेज कर इसकी भी जांच कार्रवाई जाएगी।

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