अपराधियों ने एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दे पुलिस प्रशासन को दी चुनौती
जमुआ के चोरगता गांव में एक घर से 25 लाख के जेवरात, 50 हजार नकद सहित जमीन के कागजात पर किया हाथ साफ, पीड़ित ने गांव के ही कुछ लोगों पर जताया संदेह

गिरिडीह। एक ओर जहां पुलिस प्रशासन द्वारा अपराध पर लगाम लगाने को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अपराधी घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस प्रशासन को खुलेआम चुनौती दें रहे हैं। बीती रात जमुआ थाना क्षेत्र के नवडीहा ओपी अंतर्गत चोरगता गांव में चोरों ने चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए एक घर से लाखों के जेवरात सहित 50 हजार नगद पर हाथ साफ किया है। चोर मदन चौधरी के घर से 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात के अलावे 50 हजार रुपये नकद और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज उड़ा ले गए।
बताया जाता है कि मदन चौधरी और उनका परिवार रात में भीषण गर्मी के कारण छत पर सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर कमरे में रखे बक्से-अलमारी को खंगाल डाला। शनिवार की सुबह परिवार के लोग जब नीचे आए तो सामान बिखरा मिला और जेवर-नकदी व जमीन से जुड़े जरूरी कागजात गायब थे। जिसे देखते ही घर में कोहराम मच गया।


पीड़ित परिवार ने बताया कि चोरी गए जेवरात में सिर्फ बहुओं के ही नहीं, बल्कि मदन चौधरी की दो बेटियों की शादी के लिए थोड़े थोड़े करके बनाए गए आभूषण भी शामिल थे। बताया गया कि मदन चौधरी के पांच बेटे और तीन बेटियां हैं। परिवार ने वर्षों की मेहनत कर जेवर बेटियों की शादी के लिए जेवरात तैयार किए थे।
मदन चौधरी के बेटों ने बताया कि चोर आमतौर पर जेवर-नकदी ही ले जाते हैं, लेकिन यहां जमीन के दस्तावेज भी चोरी हुए हैं। इससे उन्हें जानबुझकर एक साजिश के तहत चोरी की घटना को अंजाम देने का शक है। बताया कि गांव के कुछ लोगों से उनका 2007 से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस दौरान गृहस्वामी मदन चौधरी ने गाँव के ही अभिमन्यु चौधरी, राजदेव चौधरी, अभिनाश चौधरी, महेश चौधरी, प्रदीप चौधरी, फुलेंद्र चौधरी और मनोज चौधरी पर संदेह जताया है
इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई है। हालांकि पुलिस ने अभीघटना में किसी की संलिप्तता को लेकर पुष्टि नहीं की है।

