रांची में आंदोलनरत छात्रों के प्रति केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने व्यक्त की संवेदना गहरी संवेदना, कहा
छात्रों की आवाज़ को अनसुना करना लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य, दोनों के साथ अन्याय राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं पर कसा तंज, कहा छात्रों का दर्द भी राज्य व सरकार देखकर होता है तय

नई दिल्ली/रांची। झारखंड में जेपीएससी व जेएसएसी एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलनरत छात्रों के प्रति केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से तत्काल संवेदनशील एवं निर्णायक पहल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड के लाखों छात्र-छात्राएँ कई दिनों से अपने भविष्य और न्यायपूर्ण अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। यह केवल भर्ती परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास, उनके परिश्रम और उनके भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। कहा कि आज चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं और हजारों छात्र न्याय की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन राज्य सरकार की संवेदनहीनता चिंताजनक है। सरकार द्वारा न कोई सार्थक पहल हो रही है और न ही कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि छात्रों से संवाद करने पहुँच रहा है।
केन्द्रीय मंत्री ने विपक्ष के राहुल गांधी सहित इंडी गठबंधन के सभी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो देशभर में छात्रों के नाम पर राजनीति करते हैं, आज वे झारखंड के लाखों युवाओं के आंदोलन पर मौन है। क्या छात्रों का दर्द भी राज्य और सरकार देखकर तय किया जाएगा? कहा कि छात्रों को बरगलाने की राजनीति करने वाले राहुल गांधी सहित अन्स नेताओं का झारखंड के छात्रों के प्रति यह दोहरा चरित्र दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।


उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि जेपीएससी व जेएसएसी तथा अन्य सभी विवादित भर्ती प्रक्रियाओं की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही प्रतिबंधित एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को तत्काल निरस्त कर पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत पुनः आयोजित किया जाए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके। कहा कि भाजपा शुरू से ही इस विषय को गंभीरता से उठाती रही है। जिसके परिणाम स्वरूप सीआईडी ने कार्रवाई शुरू की और जेपीएससी अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा।

