महेशलुंडी की छात्राओं को ऋजुबालिका में सिखाया गया नैतिकता की पाठ
भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का ज्ञान जरूरी: शिवनाथ साव

गिरिडीह। सदर प्रखंड के महेशलुंडी में संचालित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में गुरुवार को छात्राओं के लिए शिक्षा और संस्कारों के अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यालय की बच्चियों ने किताबी शिक्षा के साथ-साथ जीवन के असली आधार नैतिक शिक्षा को ग्रहण करने की ओर एक सार्थक कदम बढ़ाया है। स्थानीय मुखिया शिवनाथ साव के पहल पर विद्यालय की छात्राओं के लिए बराकर नदी तट स्थित ऋजुबालिका में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जहां प्राकृतिक और शांत वातावरण में बच्चियों को जैन साध्वी संतों का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ।



कार्यशाला के दौरान जैन साध्वी ने बच्चियों को सरल भाषा में जीवन के अनमोल सूत्र सिखाए। इस बच्चों को ईमानदारी और दया के साथ जीवन के हर मोड़ पर सत्य और करुणा का साथ न छोड़ने की शिक्षा दी गई। जीवन में अनुशासन के साथ ही सफलता के लिए स्वयं पर नियंत्रण और समय का महत्व को समझने की प्रेरणा दी गई। इस क्रम में बच्चों को माता-पिता, गुरुजनों और समाज के बुजुर्गों के प्रति आदर भाव रखने के साथ एक जागरूक नागरिक के रूप में समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
मौके पर मुखिया शिवनाथ साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, आज के प्रतिस्पर्धी युग में भौतिक या किताबी शिक्षा के साथ साथ नैतिक शिक्षा भी देना बहुत जरूरी है नैतिक शिक्षा के बिना सुंदर समाज का निर्माण नहीं हो सकता है।
