बीएसएफ जवान से मारपीट और छिनतई, कमांडेंट के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
बेंगाबाद के बनहत्ती के पास ओवरटेक कर सात बदमाशों ने रोकी कार, थाना प्रभारी पर तत्काल केस दर्ज नहीं करने का आरोप

गिरिडीह : जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में एक बीएसएफ जवान के साथ मारपीट और छीनतई का मामला सामने आया है। आरोप है कि देवघर से अपने परिवार के साथ हजारीबाग लौट रहे बीएसएफ जवान अंकुर कुमार की कार को बनहति गांव के समीप सात अज्ञात अपराधियों ने ओवरटेक कर रोक लिया और उनके साथ मारपीट करते हुए मोबाइल सहित अन्य सामान छीन लिया। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। बेंगाबाद के बनहत्ती के पास ओवरटेक कर सात बदमाशों ने रोकी कार, थाना प्रभारी पर तत्काल केस दर्ज नहीं करने का आरोप
मामले में एक और गंभीर पहलू यह सामने आया कि घटना के तुरंत बाद जवान जब बेंगाबाद थाना प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे तो थाना प्रभारी द्वारा आवेदन में बदलाव करने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया गया। बाद में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। सोमवार देर शाम बीएसएफ कमांडेंट द्वारा पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार से बातचीत किए जाने के बाद एसपी के निर्देश पर बेंगाबाद थाना में सात अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


पीड़ित जवान अंकुर कुमार ने बताया कि वह रविवार देर रात देवघर से निजी कार्य पूरा कर अपनी निजी चारपहिया वाहन से हजारीबाग लौट रहे थे। इसी दौरान बनहत्ती गांव के समीप एक वाहन में सवार सात अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक कर जबरन रोक लिया। आरोपियों ने उन्हें वाहन से नीचे उतारकर मारपीट की और उनका मोबाइल फोन समेत अन्य सामान छीन लिया।
घटना के दौरान आसपास के स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर जवान को आरोपियों के चंगुल से बचाया। इसके बाद वह सीधे बेंगाबाद थाना पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी देते हुए लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया। आरोप है कि थाना प्रभारी ने आवेदन बदलने की सलाह देते हुए तत्काल केस दर्ज करने से इनकार कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, इसके बाद जवान ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया। बीएसएफ कमांडेंट द्वारा मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार को दिए जाने के बाद एसपी ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। देर शाम बेंगाबाद थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य पहलुओं के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है। वहीं, थाना स्तर पर प्राथमिकी दर्ज करने में हुई कथित देरी को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।

