Nav Bihan
हर खबर पर पैनी नजर

देवरी में फिर सक्रिय हुए अवैध आरा मिल, ग्रामीणों ने लगाए जंगल कटाई करने के आरोप वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई: डीएफओ

0 25

गिरिडीह। जिले के देवरी प्रखंड में अवैध आरामिलों का संचालन एक बार फिर तेज हो गया है। प्रखंड क्षेत्र के शोभरा, चहाल, पीपरा समेत कई इलाकों में धड़ल्ले से लकड़ी के बोटों की चिराई की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इन आरामिलों में न सिर्फ निजी बल्कि जंगलों से अवैध रूप से काटी गई लकड़ी भी खपाई जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों की माने तो आरामिलों के कारण आसपास के जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई बढ़ गई है। रात के अंधेरे में लकड़ी ढोकर आरामिल तक पहुंचाई जाती है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है।

इनके द्वारा संचालित हो रहे है आरा मिल 

sawad sansar

स्थानीय लोगों की माने तो चहाल में जहां मो. हकीम, शोभरा में मो. कमरूल और पीपरा में घनश्याम द्वारा कथित तौर पर आरा मिल चलाए जा रहे हैं। इन जगहों पर रोजाना लाखों रुपये मूल्य की लकड़ी के बोटे चीरे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध आरा मिलों को स्थायी रूप से बंद कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, ताकि जंगल और पर्यावरण को बचाया जा सके।पहले भी हो चुकी है कार्रवाई  

इस संबंध में क्षेत्र के वनपाल नीरज पांडेय से पूछने पर उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इन इलाकों में दो अवैध आरामिलों को जमींदोज किया गया था। लेकिन संचालकों ने कार्रवाई के बाद दोबारा मशीनें खोलकर काम शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, जब फिर से संचालन की सूचना मिली है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि अवैध रूप से आरा मिलों का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

डीएफओ ने कहा- होगी कार्रवाई  

इधर मामले को लेकर गिरिडीह पूर्वी भाग के डीएफओ मनीष तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध रूप से आरा मिल का संचालन करना गलत है। उन्होंने कहा, जल्द ही ऐसे आरा मिलों को चिन्हित कर छापेमारी की जाएगी और सभी अवैध आरामिलों को जमींदोज किया जाएगा। कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नही जायेगा। वन अधिनियम के तहत उन पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी।

…………………………………………………………….

Leave A Reply

Your email address will not be published.