चितरडीह में मनाया गया स्वतंत्रता सेनानी शाहिद शेख भिखारी व शहीद टिकैत उमराव सिंह का 169वाँ शहादत दिवस वक्ताओं ने दोनों शहिदों को किया नमन, कहा दोनों ने शहादत स्वीकार की, लेकिन कभी गुलामी के सामने नहीं झूकाया सिर

गिरिडीह(जमुआ)। जमुआ प्रखंड के चितरडीह पंचायत के खरीकवाटांड स्थित कवाली मैदान में झारखंड के अमर स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर उमराव सिंह और शेख भिखारी के शहादत दिवस मनाया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक केदार हाजरा एवं जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी शामिल हुई। कार्यक्रम की शुरुआत दोनों महापुरुषों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन कर की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दोनों वीर सेनानियों की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि ठाकुर उमराव सिंह और शेख भिखारी ने अंग्रेजी शासन की अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष छेड़ा और झारखंड की धरती पर आज़ादी की पहली मशाल जलाने में अग्रणी भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि दोनों योद्धाओं ने अपनी जान की बाजी लगाकर अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी और अंततः शहादत स्वीकार की, लेकिन कभी भी गुलामी के सामने सिर नहीं झुकाया। यह बलिदान हमेशा झारखंड और देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।


कार्यक्रम में सामाजिक एकता और शिक्षा के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने अंसारी समुदाय समेत सभी समाजों से आपसी भाईचारे, सौहार्द और एकजुटता से रहने की अपील की। साथ ही कहा कि बच्चों की शिक्षा और युवाओं का मार्गदर्शन समाज की सबसे बड़ी ताकत है, और नए भारत के निर्माण के लिए यही सबसे सशक्त हथियार होगा।मौके पर प्रो0 मंजूर आलम, डॉ कलीम, डॉ सुलतान अंसारी, राजद जिला अध्यक्ष इरफान आलम, भाजपा नेता मनीष कुमार, झामुमो नेता मोजाहिद अंसारी, कांग्रेस नेता अनिल चौधरी, मुखिया प्रतिनिधि दशरथ दास, ताहिर अंसारी, आलम अंसारी, सद्दाम अंसारी, ओम प्रकाश महतो, जूमदली मियां समेत कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थिति थे। वहीं कार्यक्रम का संचालन उप प्रमुख रबुल हसन रब्बानी कर रहे थे।
