क्रेस्ट केयर हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने न्यायालय में दायर किया केस
फार्म-1 में अनियमितता और बिना डॉक्टर अस्पताल संचालन का आरोप, मान्यता रद्द करने की तैयारी

गिरिडीह : जमुआ में संचालित क्रेस्ट केयर हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट में परिवाद पत्र दायर किया है। यह कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. बबन सिंह के निर्देश पर की गई है। विभाग अब अस्पताल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रहा है।
जानकारी के अनुसार गर्भवती महिलाओं से संबंधित रिपोर्ट को फार्म-1 के माध्यम से समय पर स्वास्थ्य विभाग को भेजना प्रत्येक नर्सिंग होम और अस्पताल के लिए अनिवार्य है। आरोप है कि क्रेस्ट केयर हॉस्पिटल लगातार इस नियम की अनदेखी कर रहा था।


इसी मामले को लेकर जनवरी माह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की जांच की थी। जांच के दौरान अस्पताल में कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं पाया गया, जबकि अस्पताल संचालन के लिए डॉक्टर की उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है। जांच रिपोर्ट के बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया था।
करीब पांच महीने बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर अब स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अस्पताल की मान्यता रद्द करने को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
