उसरी फॉल को बर्बाद नही होने नहीं देंगे के नारे के साथ भाकपा माले ने निकाली पदयात्रा
बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उसरी नदी के पानी प्लांट में लाने के लिए पाईप लाइन बिछाने का ग्रामीण कर रहे विरोध आर पार की लड़ाई के लिए भाकपा माले तैयार: राजेश सिन्हा

गिरिडीह। औद्योगिक क्षेत्र में संचालित बालमुकुन्द प्लांट के द्वारा उसरी नदी से पाईप लाइन खींचे जाने के विरोध में भाकपा माले, असंगठित मजदूर मोर्चा, झामस, अखिल भारतीय किसान महासभा के द्वारा गंगापुर गांव से चतरो मोड़ तक पैदल मार्च निकाला गया। प्रदूषण के खिलाफ और उसरी बचाव अभियान के तहत काफी संख्या में ग्रामीण ने पैदल मार्च में शामिल हुए और उसरी फॉल को बर्बाद नही होने देंगे सरीखे नारे लगाते हुए क्षेत्र भ्रमण किया।
पैदल मार्च का नेतृत्व कर रहे माले नेता राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, दीपक गोस्वामी, शुभांकर कुमार, पूजा मुर्मू, मसूदन कोल, विजय विशाल, सनातन साव सहित अन्य नेताओं ने कहा कि उसरी नदी के अस्तित्व और उसरी फॉल को खतरा है। कहा कि एक तरफ पर्यटन मंत्री उसरी नदी में कार्य योजना तैयार कर धरातल में उतार रहे है। वहीं दूसरी ओर उसरी फॉल से महज आधा किलोमीटर पहले बालमुकुंद फैक्ट्री के प्रबंधन पथ निर्माण विभाग से मिलीभगत कर प्रकृति को बर्बाद करने का खेल कर रहा है।



कहा कि चतरो स्थित बालमुकुंद फैक्ट्री तक सड़क किनारे पाईप से पानी लाने के लिए गड्ढा खोद जा रहा है। बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन सरकारी संस्थाओं और राजनीतिक संरक्षण में काम कर रहा है। कहा कि गिरिडीह उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सहित डीवीसी, वन विभाग, सांसद व विधायक को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। भाकपा माले किसी भी कीमत पर प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ करने नहीं देंगा।
वहीं असंगठित मजदूर मोर्चा के नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि गंगापुर गांव के साथ बालमुकुंद फैक्ट्री के प्रबंधन धोखा कर रहे है। मार्च 2026 को गंगापुर गांव को बरगलाकर कहा कि हम इस गांव में शिक्षा, स्वास्थ, सामाजिक कार्य व धार्मिक कार्यो में सहयोग करेंगे। पेयजलापूर्ति के लिए डीप बोरिंग करवा देंगे, लेकिन अब तक प्रबंधन के द्वारा एक भी वादा पूरा नही किया गया है। जबकि प्रबंधन उसरी नदी के पानी को अपने प्लांट में ले जाने के लिए पाईप लाइन बिछाने की तैयारी कर रहा है। ग्रामीणों को मुकदमा का डर दिखाकर पाइप बिछाने का कार्य कुछ बिचौलियों के द्वारा किया जा रहा है।
मार्च में मुख्य रूप से सिंकू मरांडी, प्रकाश टुडू, अरुण साव, बबलू चंद्रवंशी, आजाद, आलम, प्रदीप राय, अनुज राय, अजय तुरी, सविनाथ राय के अलावे संगठन के सुनीता, ललिता, सुमी देवी, भीम कोल, तुलसी तुरी, अरुण कुमार, लखन कोल, टिंकू मरांडी, रंजीत राय, मनोज, बीरू सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

