सुदिव्य सोनू के विभाग अब CM हेमंत के पास, तीनों विभागों का संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार
नगर विकास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन-खेलकूद विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को; मंत्रिमंडल समन्वय विभाग ने जारी की अधिसूचना

नव बिहान डेस्क : दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद झारखंड सरकार ने उनके पास रहे विभागों के संचालन को लेकर नई व्यवस्था कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब सुदिव्य कुमार सोनू के पास रहे तीनों विभागों का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। इस संबंध में मंत्रिमंडल, निर्वाचन एवं समन्वय विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचना के मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही इन विभागों से जुड़े प्रशासनिक एवं नीतिगत मामलों की जिम्मेदारी फिलहाल मुख्यमंत्री स्तर पर होगी।


निधन के बाद विभागों को लेकर बनी थी स्थिति
गिरिडीह विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री रहे सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर 2026 को निधन हो गया था। उस समय उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। उनके निधन के बाद इन विभागों के प्रभार को लेकर सरकार के सामने तत्काल प्रशासनिक व्यवस्था कायम रखने की जरूरत थी।
अब सरकार ने औपचारिक तौर पर इन सभी विभागों का अतिरिक्त प्रभार मुख्यमंत्री को सौंप दिया है। इससे विभागीय कामकाज में निरंतरता बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।
अन्य मंत्रियों के विभाग यथावत
जारी अधिसूचना के अनुसार सुदिव्य कुमार सोनू के विभागों के अतिरिक्त प्रभार मुख्यमंत्री को दिए जाने के अलावा मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों के विभागों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उनके मौजूदा विभाग पूर्व की तरह ही रहेंगे।
फिलहाल मुख्यमंत्री के पास रहेगी जिम्मेदारी
व्यवस्था को फिलहाल विभागों के नियमित संचालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के पास पहले से मौजूद विभागों के साथ अब तीन और महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी आ गई है। इन विभागों में नगर विकास एवं आवास तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जैसे राज्य के महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र शामिल हैं।
हालांकि, यह व्यवस्था अतिरिक्त प्रभार के रूप में है। इसे इन विभागों के लिए स्थायी रूप से नए मंत्री की नियुक्ति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आगे मंत्रिमंडल में इन विभागों को लेकर क्या स्थायी व्यवस्था होती है, इस पर नजर रहेगी।

