रोजगार की तलाश में मलेशिया गये एक और प्रवासी मजदूर की मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर ने परिजनों से मिलकर बंधया ढांढस, कहा दुर्घटनाओं में प्रवासी मजदूरों की मौत पर लगे अंकुश

गिरिडीह। गिरिडीह के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। आए दिन देश व विदेश में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की मौत की खबरे आ रही है। इसी क्रम में जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अडवारा पंचायत के एक प्रवासी मजदूर की मौत मलेशिया में हो गई। मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक बगोदर थाना क्षेत्र के अडवारा निवासी स्व0 झमन का 36 वर्षीय पुत्र वकील सिंह हैं।
बताया जाता है कि गुरुवार की देर शाम परिजनों को उसकी मौत की खबर मिली। मृतक मलेशिया के लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) कंपनी में काम करता था। हालांकि उसकी मौत कैसे हुई है, इसकी जानकारी परिजनों को नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि दो वर्ष वह काम करने के लिए मलेशिया गया था। मृतक अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी, रूपा कुमारी (20), सुजीत (18), काजल कुमारी (17), नीतू कुमारी (13) को छोड़ गए है।


घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता सह प्रवासी मजदूर के हितार्थ में काम करने वाले सिकन्दर अली प्रवासी मजदूर के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने बताया कि गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिले से बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में विदेशों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि काम के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में प्रवासी मजदूरों की मृत्यु की घटनाएं आम हैं। समाजसेवी ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से युवाओं को विदेश जाने की मजबूरी नहीं होगी और ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा।
