योगीटांड़ में NH-114A की बदहाली पर CCL का जवाब भूमिगत गोफ और भू-धसान के लिए CCL ने अवैध खनन को बताया जिम्मेदार, सड़क की मरम्मत की जिम्मेदारी NHAI की

गिरिडीह। गिरिडीह–डुमरी मुख्य मार्ग NH-114A पर योगीटांड़, गिरिडीह स्टेडियम के समीप सड़क के नीचे बने भूमिगत गोफ और क्षतिग्रस्त सड़क के मामले में कोयला मंत्रालय के सचिव को की गई शिकायत पर CCL गिरिडीह ने जवाब दिया है। शिकायतकर्ता सुनील खंडेलवाल की ओर से उठाए गए मामले पर CCL ने 16 सितंबर 2026 को अपना पक्ष रखा है।
CCL ने अपने जवाब में कहा है कि शिकायत में उल्लेखित सड़क उसके लीज-होल्ड क्षेत्र से होकर गुजरती है, लेकिन इस सड़क का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा कराया गया है। इसलिए सड़क की मरम्मत, सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की है।


वैध खनन से भू-धसान से CCL का इनकार
CCL ने अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया है कि उसके द्वारा किए जा रहे वैध खनन कार्यों के कारण इस प्रकार की भू-धसान की घटनाएं नहीं होती हैं। कंपनी के अनुसार योगीटांड़ समेत इस मार्ग पर होने वाली भू-धसान की घटनाओं के पीछे अवैध खनन और उससे जुड़े अवैध कोयला कारोबार को कारण बताया गया है।
CCL ने सुझाव दिया है कि यदि राज्य सरकार की ओर से अवैध खनन और अवैध रूप से निकाले गए कोयले के कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाए, तो इस तरह की भू-धसान की घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
सड़क की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
NH-114A गिरिडीह से डुमरी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है और इस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में सड़क के नीचे भूमिगत गोफ और क्षतिग्रस्त हिस्से को लेकर सड़क की सुरक्षा का सवाल गंभीर हो गया है।
शिकायतकर्ता सुनील खंडेलवाल ने कहा कि CCL के जवाब से यह स्पष्ट होता है कि मामले में CCL, NHAI और राज्य प्रशासन—तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए संबंधित स्थल का तकनीकी निरीक्षण कराना जरूरी है।
संयुक्त निरीक्षण और स्थायी मरम्मत की मांग
खंडेलवाल ने मांग की है कि योगीटांड़ क्षेत्र में तत्काल संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। इसके तहत भूमिगत गोफ की स्थिति का तकनीकी आकलन, सड़क की मजबूती की जांच और संभावित खतरे का मूल्यांकन किया जाए। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा उपाय करते हुए सड़क की स्थायी मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी संभावित दुर्घटना या जनहानि की प्रतीक्षा करने के बजाय प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
जिम्मेदारी को लेकर सामने आए अलग-अलग पक्ष
CCL के जवाब के बाद अब इस मामले में सड़क की सुरक्षा और मरम्मत को लेकर जिम्मेदारी का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। CCL ने सड़क की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी NHAI की बताई है, जबकि भू-धसान की वजह के रूप में अवैध खनन की ओर इशारा किया है। ऐसे में NHAI, CCL और जिला प्रशासन के बीच समन्वय से तकनीकी जांच और आवश्यक कार्रवाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

