Nav Bihan
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नक्सल के खिलाफ जारी अभियान में गिरिडीह पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 25 लाख के इनामी शीर्ष नक्सली अजय महतो गिरफ्तार

गिरिडीह सहित राज्य के कई जिलों के थानों में 240 से अधिक मामले दर्ज, वर्ष 2008 से 2018 के बीच कई जघ्न्य नक्सली घटनाओं को दिया था अंजाम

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गिरिडीह। झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ कोबरा-209 बटालियन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों को बड़ा झटका दिया है। युं कहा जाये कि गिरिडीह जिले के अलावे पूरे झारखंड में नक्सल को बड़ी चोट देते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्य और 25 लाख रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली अजय महतो उर्फ मोचू उर्फ टाइगर को गिरफ्तार कर लिया है। अजय महतो पर झारखंड के विभिन्न जिलों में हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित 240 से अधिक नक्सली घटना को अंजाम देने के आरोप थे।

शनिवार को जिले के पुलिस कप्तान डॉ बिमल कुमार और एएसपी सुरजीत कुमार, सीआरपीएफ के असिटेंट कमांडेंट ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर बताया कि 17 जुलाई को गुप्त सूचना मिली थी कि खुखरा थाना क्षेत्र के हरलाडीह के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधि देखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) के मार्गदर्शन में गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ कोबरा-209 बटालियन ने संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई और ग्राम पिपराडीह (खवासटांड़ टोला) के घने जंगलों की घेराबंदी की। इस दौरान भागने की कोशिश कर रहे अजय महतो को सुरक्षा बलों ने दबोच लिया।

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बताया कि अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला है और वर्ष 2005 से नक्सली संगठन से जुड़ा था। शुरुआती दिनों में दस्ता सदस्य के रूप में सक्रिय रहा। बाद में उसे लेवी वसूली, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा संगठन को मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संगठन में प्रभाव बढ़ने के बाद वह पारसनाथ जोन में एरिया कमांडर और फिर स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य बन गया। अजय महतो कई जघन्य घटनाओं में शामिल रहा है, खासकर 2008 से 2018 के बीच हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में वह शामिल रहा। उस पर पुलिस मुखबिरी के शक में आम नागरिकों की हत्या, पति-पत्नी की निर्मम हत्या, सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला, आईईडी विस्फोट, सड़क निर्माण में लगे वाहनों को जलाने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। सिर्फ गिरिडीह जिले में उसके खिलाफ 68 मामले दर्ज हैं, जबकि पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, चतरा, रामगढ़ और सरायकेला सहित विभिन्न जिलों में कुल मिलाकर 240 से अधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस कप्तान ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अजस महतो की गिरफ्तारी गिरिडीह पुलिस की नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि है। कहा कि इससे पारसनाथ क्षेत्र और पूरे झारखंड में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को करारा झटका लगा है। कहा कि वर्ष 2024 में 10 लाख के इनामी नक्सली राम दयाल महतो सहित कई अन्य नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने नक्सली संगठनों से जुड़े लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति नई दिशा, एक नई पहल का लाभ उठाएं और मुख्यधारा से जुड़कर सामान्य जीवन व्यतीत करें।

ITI
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