गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आभविप का आंदोलन जारी
जिला संयोजक नीरज चौधरी और SFS सह संयोजक अनीश राय का अनशन जारी, प्रभारी प्राचार्य समेत तीन पदाधिकारियों को पदमुक्त कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग

गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आंदोलन को तेज करते हुए 15 सितंबर से आंदोलनरत है। इस क्रम में धरना पर बैठे अभाविप के जिला संयोजक नीरज चौधरी और SFS सह संयोजक अनीश राय शुक्रवार से भूख हड़ताल पर हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे जिला संयोजक नीरज चौधरी का कहना है कि प्रभारी प्राचार्य और प्रोफेसर इन चार्ज के खिलाफ ठोस साक्ष्य उपलब्ध कराए जाने के बावजूद पिछले करीब ढाई महीने से विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच शुरू नहीं की गई। कहा कि आंदोलन शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है, लेकिन अभाविप इसे महज खानापूर्ति मान रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि मामले का निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल उनके पदों से मुक्त किया जाए। उनका कहना है कि जब तक आरोपों के घेरे में आए पदाधिकारी अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठते रहेंगे।


‘सरकारी पैसे को निजी खाते की तरह इस्तेमाल करने का आरोप’
वहीं भूख हड़ताल पर बैठे SFS सह संयोजक अनीश ने फर्जी हस्ताक्षर, सरकारी बैंक को कथित तौर पर गुमराह कर अवैध निकासी, एक ही समय में दो स्थानों पर उपस्थिति दिखाकर भुगतान लेने और मामला सामने आने के बाद राशि लौटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए है । उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कॉलेज की वित्तीय व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
भूख हड़ताल के दौरान कॉलेज मंत्री कृष पासवान, कृष्णा दास, बिट्टू मोदी, अनिशा कुमारी, वर्षा कुमारी, शशि कुमारी समेत बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता और कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद रहे।

