अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मानदेय भुगतान की मांग करने गई जल सहिया को डीसी की फटकार।
एक साल से नहीं हुआ है मानदेय का भुगतान, पीएचईडी अधिकारी पर लगाया कमीशन मांगने का आरोप

गिरिडीह। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक और जहां महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण की बातें कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर बकाए मानदेय की मांग को लेकर जिले की काफी संख्या में जलसहिया कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय एवं पीएचईडी कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठ गई। जल सहिया को कार्यपालक अभियंता प्रमंडल 1 और 2 द्वारा करीब एक साल से बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कई बार उनसे मुलाकात की लेकिन बार-बार होली के पूर्व भुगतान करने का सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। होली बीत जाने के बावजूद भी उनके बकाए मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। जिससे नाराज होकर जल सहिया थाली बजाओ कार्यक्रम के तहत पहले कार्यपालक अभियंता के कार्यालय पहुंची। जहां कोई नहीं मिलने पर सभी समाहरणालय पहुंची और धरने पर बैठ गई। इस बीच कार्यालय पहुंचे उपायुक्त ने बिना पूरी जानकारी लिए जलसहिया को फटकार लगा दी। जिसके बाद भी महिलाएं अडिग रही। मौके पर जल सहिया ने कहा कि विश्व महिला दिवस के दिन महिलाओं को अपमानित करने जैसा व्यवहार उचित नहीं है। क्योंकि हम लोग जिस मांग को लेकर गए थे उसकी पूर्व सूचना उपायुक्त को दे दी गई थी। बावजूद इसके महिलाओं को अपमानित किया गया है। मौके महिलाओं ने मिलकर यह निर्णय लिया कि आगामी 7 दिनों के बकाया मानदेय और प्रोत्साहन राशि भुगतान नहीं किया जाता है तो 7 दिन के बाद हम जिला स्तर पर एक व्यापक बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तेयार करेगी। बताया कि अनिश्चितकालीन धरना उपायुक्त महोदय के कार्यालय के समक्ष होगी, और राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार से मानदेय भुगतान की मांग करेंगे। बताया कि कार्यपालक अभियंता जब से आए हैं तब से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और फेज 2 का पैसा हो या फिर नल जल का खुलेआम लूट मचा के रखे हैं। कहा जल सहिया के द्वारा भी कमीशन नहीं दिए जाने के कारण ही एक साल से मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस दौरान मौके पर मौजूद जलसहिया संघ के मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने भी खेद प्रकट करते हुए कहा कि यदि जलसहिया अपनी मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंच गई थी तो उनका आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मान किया जाना चाहिए था, ना कि अरेस्ट करने की धमकी और नौकरी से हटाने का धमकी दिया जाना चाहिए था । हम लोग इसका विरोध करते हैं और उन्हें शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग करते हैं। कार्यक्रम का नेतृत्व महिला संगठन की राज्य अध्यक्ष सितारा परवीन, सरिता देवी एवं दिव्या देवी संयुक्त रूप से कर रही थी। वहीं इस आंदोलन में जिले के सभी 13 प्रखंड से सैकड़ो की संख्या में जलसहिया उपस्थित थीं।t
