150 वर्षों से आस्था का केंद्र है हांडाडीह का ठाकुरबाड़ी, तीन दिवसीय मनसा पूजा में उमड़ती है भक्तों की भीड़
भादो एकादशी के दिन शुरू होती है मां मनसा की पूजा, तीन दिनों तक रहता है मेला सा नजारा

गिरिडीह। सदर प्रखंड के सिकदारडीह पंचायत के हांडाडीह स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी मंदिर में पिछले करीब 150 वर्षों से लगातार मनसा पूजा की परंपरा चली आ रही है। वर्षों पुरानी यह पूजा आज भी ग्रामीणों के बीच आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। हर वर्ष भादो माह की एकादशी के अवसर पर यहां तीन दिवसीय मनसा पूजा का आयोजन बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव से किया जाता है।
स्वर्गीय सोनी तिवारी ने की थी पूजा की शुरूआत


बताया जाता है कि इस प्राचीन पूजा की शुरुआत स्वर्गीय सोनी तिवारी ने की थी। ग्रामीणों के बीच वे ‘गुरु सोनी तिवारी’ के नाम से विख्यात थे। उनके निधन के बाद उनके पुत्र जलधर तिवारी ने पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाया और आज भी पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा के कारण हांडाडीह की ठाकुरबाड़ी लोगों की धार्मिक आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ सौ वर्षों से चली आ रही यह पूजा हांडाडीह की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।
तीन दिनों तक चलता है पूजा-अर्चना का दौर
भादो एकादशी के दिन शुरू होने वाली मनसा पूजा लगातार तीन दिनों तक चलती है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। पूजा के दूसरे दिन आयोजित होने वाले भजन-कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। देर तक चलने वाले भजन-कीर्तन से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो जाता है। वहीं विसर्जन के दिन मंदिर परिसर में भव्य मेला का आयोजन किया जाता है। मेला में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के लोग भी पहुंचते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मेला को लेकर खासा उत्साह देखने को मिलता है।
जड़ी-बूटी से इलाज के लिए भी प्रसिद्ध हैं जलधर तिवारी
मनसा पूजा के मुख्य पुजारी जलधर तिवारी धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जड़ी-बूटी से उपचार के लिए भी स्थानीय स्तर पर जाने जाते हैं। बताया जाता है कि उनके पास प्रतिदिन कई लोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं और वे परंपरागत रूप से जड़ी-बूटियों के माध्यम से उनका उपचार करते हैं। स्थानीय लोगों में उनके प्रति आस्था और विश्वास बना हुआ है। श्रद्धालु इसे मां की कृपा और आशीर्वाद से जोड़कर देखते हैं।
सभी समाज की एकजुटता से लगता है भव्य मेला
हांडाडीह में आयोजित होने वाला मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक माना जाता है। विभिन्न समाज और समुदाय के लोग मिल-जुलकर पूजा और मेले के आयोजन में सहयोग करते हैं। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के साथ-साथ पूजा समिति के मुख्य पुजारी जलधर तिवारी, राजकमल तिवारी, संजय पांडेय, छोटेलाल सिंह, संतोष तिवारी, सिकदारडीह पंचायत के पंचायत समिति सदस्य अविनाश भदानी, बीरू पांडेय, सीताराम पांडेय, संजय भदानी, मनोज राम भदानी, नवल किशोर पांडेय, विष्णु कांत पांडेय सहित अन्य सदस्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

