Nav Bihan
हर खबर पर पैनी नजर

गिरिडीह में बनी डबल इंजन की सरकार, मंत्री सुदिव्य कुमार के कुशल रणनीति से महापौर के बाद उपमहापौर भी झामुमो के झोली में

शहर के विकास के खुले रास्ते, उपमहापौर सुमित कुमार के पिछले दस वर्षों के अनुभव का मिलेगा लाभ

0 36

रिंकेश कुमार गिरिडीह। नगर निगम चुनाव में नवनिर्वाचित महापौर प्रमिला मेहरा और सभी वार्ड पार्षदों के शपथ ग्रहण प्रक्रिया के बीच सुमित कुमार के निर्विरोध उपमहापौर बनने के बाद अब गिरिडीह शहर में डबल इंजन की सरकार बन चुकी है। सदर विधायक सह सुबे के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार के कुशल रणनीति के तहत जहां महापौर पद पर झामुमो समर्थित प्रत्याशी प्रमिला मेहरा को भाजपा के गढ़ में भी झोली भरकर वोट मिले है। वहीं उपमहापौर के चुनाव के दौरान झामुमो नेता सुमित कुमार के दावेदारी के बाद किसी दूसरे पार्षद ने यहां तक की भाजपा समर्थित पार्षद भी दावेदारी करने से पिछे हट गए। जिसके कारण महापौर के बाद उपमहापौर का पद भी झामुमो की झोली में चला गया।

ऐसे में अब राज्य में भी झामुमो की सरकार और नगर निगम में भी झामुमो की सरकार बनने से गिरिडीह शहरी क्षेत्र के विकास का रास्ता पूरी तरह से खुल गया है। क्योंकि गिरिडीह शहर में नगर निगम में डबल इंजन की सरकार बनने के साथ ही सुबे के नगर विकास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार का यह विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में मंत्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में महापौर प्रमिला मेहरा और उपमहापौर सुमित कुमार के साथ ही सभी पार्षद गिरिडीह के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। शहर के बुद्धिजिवियों की माने तो झारखंड सरकार में दंबर दो भूमिका में रहने वाले मंत्री सुदिव्य कुमार के द्वारा कई विकास कार्य किए जा रहे है, ऐसे में नगर निगम में झामुमो समर्थित सरकार बनने के बाद तो शहर का विकास तेजी से होना तय है।

sawad sansar

सुमित कुमार के उपमहापौर बनने से उनका पिछले दो बार लगातार पार्षद रहने का अनुभव का फायदा महापौर के साथ साथ गिरिडीह की जनता को मिल सकता है। क्योंकि उन्हें नगर निगम के एक-एक दांव पेंच की समझ होने के साथ ही वे कर्मचारी के नस-नस से वाकिफ है। पिछले दो बार वार्ड पार्षद रहते हुए सुमित ने अपने सारे काम अपने इसी अनुभव के बल पर करवा लेते थे। अब चूंकि सुमित उपमहापौर के संवैधानिक पद पर है और ऐसे में गिरिडीह के विकास के लिए काम करना उनके लिए काफी आसान होगा। झामुमो के जिला कोषाध्यक्ष होने के साथ सुबे के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार और झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह के साथ उनकी करीबी संबंध होने के कारण वे शहरी डेवलपमेंट का काम भी आसानी से करवा सकते है। ऐसे में कहा जा सकता है कि सुमित अपने अनुभव और कार्य कुशलता के कारण अब तक के सफल उपमहापौर साबित हो सकते है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.