भारत मुक्ति और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने समाहरणालय के समक्ष दिया धरना
ओबीसी की जाति आधारित जनगणना और एससी, एसटी, ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी बिल लागू करने की की मांग

गिरिडीह। राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत भारत मुक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विकास पटेल के आह्वान पर शुक्रवार को जाति आधारित जनगणना और ओबीसी की जाति आधारित जनगणना और एससी, एसटी, ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी बिल लागू करने की मांग को लेकर समाहरणालय परिसर में धरना दिया गया। धरना भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पटवा के नेतृत्व में किया गया।
धरना के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला करने के बावजूद भी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों का कॉलम नहीं दिया गया है। जो ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए इस साल से होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का एवं जाति का कॉलम बढ़ाया जाए। कहा कि हमारे देश की आजादी के लगभग 78 साल पूरे हो रहे हैं और भारतीय संविधान लागू होने के 75 साल बीत जाने के बावजूद पिछड़े वर्गों के साथ न्याय नहीं हो पा रहा है। न्याय के लिए आंकड़े की आवश्यकता है लेकिन पिछड़े वर्ग के जाति आधारित और सभी जाति समूहों की वास्तविक जनसंख्या और उनकी वास्तविक स्थिति का आंकड़ा सरकार ने आज तक सार्वजनिक नहीं किया है। जब तक जाति आधारित जनगणना नहीं होगी तब तक सही आरक्षण, शिक्षा, नौकरी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं हो सकता है।


कहा कि लगातार आंदोलन के बाद 30 अप्रैल 2025 को भारत सरकार के मंत्रिमंडल ने 2027 की जनगणना में व्यापक जाति आधारित जनगणना की स्वीकृति तो दी, लेकिन 22 जनवरी 2026 की जनगणना अधिसूचना में हाउस लिस्टिंग चरण की प्रश्नावली से जाति एवं ओबीसी संबंधी कॉलम नहीं दिया गया है। इसका मतलब साफ है कि सरकार जाति आधारित जनगणना नहीं कराना चाहती और एक बार फिर ओबीसी के साथ धोखेबाजी करना चाहती है।
धरना में मुख्य रूप से बहुजन मुक्ति पार्टी के उतरी प्रमंडल प्रभारी भीखी राम पासवान, जिला अध्यक्ष जयनारायण दास, संतोष प्रसाद यादव, रामदेव रविदास, प्रकाश दास, जन आंदोलन निर्माण समिति जिला अध्यक्ष अरविंद नागवंशी, भारत मुक्ति मोर्चा के राजेश दास, भीखन यादव, शक्ति पासवान, मीतन दास, खुबलाल साव, बलदेव दास, पोखन दास, रामचंद्र दास, सतीश कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
