Nav Bihan
हर खबर पर पैनी नजर

जिला स्तरीय किसान मेला-सह-फसल प्रदर्शनी कार्यक्रम में किसानों को दी गई कई अहम जानकारियां

मेला में लगाए कई स्टॉल तथा फलों व सब्जियों की प्रदर्शनी, उपायुक्त ने कई लाभूकों के बीच किए परिसंपतियों का वितरण

0 34

गिरिडीह। अनुमंडलीय कृषि प्रक्षेत्र पचम्बा मैदान में मंगलवार को जिला स्तरीय किसान मेला-सह-फसल प्रदर्शनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेला का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि उपायुक्त रामनिवास यादव और उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मेला में कृषि एवं कृषि संबंधित विभाग के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्र एफपीओ खाद बीज भंडार सहित कुल 18 स्टॉल लगाए गए। मौके पर उपायुक्त श्री यादव सहित अन्य अधिकारियों ने सभी स्टॉल पर जाकर निरीक्षण किया और मेले में प्रदर्शित कृषि उपकरण, तकनीकी नवाचार, जैविक उत्पादों, फसलों, फल, फूल व कृषकों को दी जाने वाली सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मेला में उपायुक्त ने कई लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। एक आजीविका को ट्रैक्टर की चाभी सौंपा गया। साथ ही 05 लाभुकों को मत्स्य विभाग द्वारा मोटरसाइकिल और आईसबॉक्स दिया गया।

sawad sansar

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि यह मेला किसानों के लिए नयी तकनीकों, जैविक खेती, उद्यानिकी और मत्स्य पालन में उन्नति के अवसर प्रदान करेगा। मेले में किसानों को उनकी उपज का मूल्य बढ़ाने, विपणन रणनीतियों और पर्यावरण अनुकूल खेती पर जोर दिया गया है। कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। कहा कि मेला में लगाए गए स्टालों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और संसाधनों की जानकारी मिल रही है, जो उनके उत्पादन को बढ़ाने और लागत कम करने में सहायक होगी। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि यह मेला किसानों के लिए बहुत लाभकारी है और अधिक प्रचार प्रसार करते हुए किसानों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। कहा कि तकनीकी ढंग से खेती करने की सलाह को यदि किसान अपने छिड़काव की विधि एवं समय पर करें तो किसानो को अधिक लाभ होगा।

कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी आशुतोष कुमार के द्वारा बताया गया कि किसान स्वावलंबी बने किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर खेती की लागत कम कर सकते हैं। जैसे बीज का चुनाव बीज की मात्रा समय पर सिंचाई पौधे की दूरी बीज उपचार रोगों में अनुशंसित दवाई का प्रयोग आदि अपनाते हुए अपनी खेती की लागत को कम कर सकते हैं। साथ ही साथ नीम, करंज, सरसों खली आदि का उपयोग करें। वैज्ञानिक विधि से खेती की जानकारी देते हुए कहा कि वैज्ञानिक विधि से खेती करने से 5 से 7 गुना मुनाफा बढ़ जाता है। आत्मा प्रचार प्रसार के लिए ही मुख्य रूप से जिले में किसानों के लिए कार्य कर रही है। प्रखंड स्तर पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं किसान मित्र कार्य कर रही है।

मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी के अलावे जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों के अलावे जिले के सभी प्रखण्डों से अधिक से अधिक संख्या में किसान, किसान मित्र, प्रगत्तिशील कृषक उपस्थित थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.