गिरिडीह पहुंचे डीआईजी अंजनी कुमार झा, पुलिस अधिकारियों के साथ की बैठक रामनवमी को लेकर तैयारियों की कि समीक्षा, दिए कई आवश्यक दिशा निर्देश

गिरिडीह। हजारीबाग रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा सोमवार को गिरिडीह पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्य रूप से रामनवमी को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। एसपी डॉ विमल कुमार, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी नीरज सिंह, डीएसपी कौशर अली के अलावे सभी इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी उपस्थित थे। बैठक में जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निकलने वाले रामनवमी जुलूसों के रूट, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील इलाकों की पहचान और पूर्व में हुए विवादित स्थलों को चिन्हित कर विशेष रणनीति बनाने पर गहन चर्चा की गई।
बैठक के दौरान डीआईजी श्री झा ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार फ्लैग मार्च करें, स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर रखें और शांति समिति की बैठके कर समिति के सदस्यों को सक्रिय करें। कहा कि छोटे-छोटे विवादों को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान करें, ताकि वे आगे चलकर बड़ा रूप न ले सकें। उन्होंने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी जुलूस मार्गों की पूर्व में रूट वेरिफिकेशन करना सुनिश्चित करें की जाए। जिन स्थानों पर पहले तनाव की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल, दंडाधिकारी और वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।


बैठक के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ पोस्ट को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके।
इस दौरान उन्होंने असामाजिक तत्वों और पूर्व में अशांति फैलाने वाले लोगों की सूची तैयार कर उन पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। कहा कि रामनवमी के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिस, दंगा नियंत्रण बल और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती की जाएगी। साथ ही जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय रखा जाएगा।
इस दौरान उन्होंने जनता से भी अपील करते हुए कहा कि रामनवमी आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसे शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाएं। कहा कि प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है, लेकिन समाज के सहयोग से ही त्योहार को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।
