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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस जिला प्रशासन ने किया सम्मान-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, विभिन्न क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान: उपायुक्त

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गिरिडीह। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत मंगलवार को नगर भवन में एक भव्य सम्मान समारोह-सह-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं एवं किशोरियों की भूमिका को सम्मानित करना, उनके उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना तथा समाज में बेटी के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव, एसपी डॉ विमल कुमार, डीडीसी समृता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा, स्वावलंबन, उद्यमिता, कला-संस्कृति तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कई महिलाओं और किशोरियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं और किशोरियों ने इन प्रेरणादायक महिलाओं से सीख लेने और जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा उनसे इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

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मौके पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने महिला सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति महिलाओं के सक्रिय योगदान के बिना संभव नहीं है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक अवसर प्रदान करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसलिए समाज को चाहिए कि वह बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दे।

उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना का उद्देश्य केवल बेटियों को जन्म देना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि बेटियों को उचित शिक्षा, अवसर और समर्थन मिले, तो वे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

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